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Rajasthan Crime News: मेहंदीपुर बालाजी मर्डर केस का खुलासा, शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने प्रेमिका की करी हत्या, दो इनामी आरोपी यूपी से हुए गिरफ्तार
- Photo by : social media
विस्तार
राजस्थान: राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी क्षेत्र में 22 वर्षीय युवती संगीता की हत्या के मामले का पुलिस ने सात दिन में खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, युवती अपने प्रेमी गजेंद्र उर्फ सोनू मीणा पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इससे परेशान होकर आरोपी ने अपने दोस्त विवेक मीणा के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मामला ब्रह्मबाद गांव स्थित मोरा माता मंदिर की पहाड़ी का है। 17 अगस्त को यहां एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ था। युवती के चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे और उसके पास पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज या मोबाइल फोन नहीं मिला था। शुरुआती जांच में मामला ब्लाइंड मर्डर का नजर आया। पुलिस ने शव की पहचान और हत्यारों तक पहुंचने के लिए कई स्तरों पर जांच शुरू की। 700 किलोमीटर का सफर और 1000 CCTV कैमरों की हुई जांच थाना प्रभारी सचिन शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने करीब 700 किलोमीटर तक जांच अभियान चलाया। इस दौरान लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार किए गए प्रयासों के बाद मृतका की पहचान जुबैर उर्फ संगीता, उम्र 22 वर्ष, निवासी उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि संगीता और गजेंद्र उर्फ सोनू मीणा के बीच करीब एक साल से संबंध थे। हालांकि, गजेंद्र की करीब दो महीने पहले शादी हो चुकी थी। इसके बावजूद संगीता उस पर अपनी पत्नी को छोड़कर उससे शादी करने का दबाव बना रही थी। पुलिस के मुताबिक, इसी बात से परेशान होकर गजेंद्र ने अपने दोस्त विवेक मीणा के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। घूमने के बहाने पहाड़ी पर ले गए थे आरोपी पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी संगीता को मेहंदीपुर बालाजी घूमने के बहाने ब्रह्मबाद गांव की पहाड़ी पर ले गए। सुनसान स्थान पर गजेंद्र ने कथित तौर पर दुपट्टे से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने उसके चेहरे पर पत्थरों से वार किए और शव को झाड़ियों में फेंककर मौके से फरार हो गए। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या से पहले संगीता अपने लिव-इन पार्टनर संजीव राजपूत के साथ रह रही थी। पुलिस अब मामले में आरोपियों से पूछताछ कर हत्या के पीछे की परिस्थितियों और अन्य संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। कई जिलों में चलाया गया था पहचान अभियान मृतका की पहचान के लिए पुलिस ने राजस्थान के दौसा, जयपुर, अलवर, करौली, सवाई माधोपुर, डीग, भरतपुर और धौलपुर समेत कई जिलों में सूचना भेजी। उत्तर प्रदेश के मथुरा, अलीगढ़, आगरा, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी और बदायूं तथा मध्य प्रदेश के ग्वालियर और उज्जैन में भी थानों, जीआरपी और कंट्रोल रूम को वायरलेस व ई-मेल के जरिए जानकारी भेजी गई। सात दिनों तक चली तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और साइबर सेल की मदद से पुलिस ने न केवल मृतका की पहचान की, बल्कि हत्या की गुत्थी भी सुलझा ली। इस कार्रवाई में साइबर सेल के हेड कांस्टेबल दिनेश राठी की अहम भूमिका रही।
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