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राजस्थान: यूनानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में निशुल्क चिकित्सा शिविर के दूसरे दिन उमड़ी मरीजों की भीड़

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राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 13/05/2026 05:06:33 pm Share:
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  • 13/05/2026 05:06:33 pm
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संक्षेप

राजस्थान: यूनानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आयोजित तीन दिवसीय विशाल निशुल्क चिकित्सा शिविर के दूसरे दिन बुधवार, 13 मई 2026 को मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। शिविर की जानकारी जैसे-जैसे आमजन तक पहुंच रही है, वैसे-वैसे उपचार के लिए आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

विस्तार

राजस्थान: यूनानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आयोजित तीन दिवसीय विशाल निशुल्क चिकित्सा शिविर के दूसरे दिन बुधवार, 13 मई 2026 को मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। शिविर की जानकारी जैसे-जैसे आमजन तक पहुंच रही है, वैसे-वैसे उपचार के लिए आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रो. नाज़िया एजाज़ रसूल ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले दिन की अपेक्षा दूसरे दिन अधिक रोगी उपचार के लिए पहुंचे। शिविर में विशेष रूप से घुटनों के दर्द, कमर दर्द, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, स्लिप डिस्क तथा अन्य दर्द संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों ने चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार प्राप्त किया।

शिविर का निरीक्षण करते हुए प्राचार्य प्रो. मोहम्मद आज़म अंसारी ने बताया कि मरीजों को आधुनिक एवं पारंपरिक यूनानी चिकित्सा पद्धति का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीपी, हाइपरटेंशन एवं सिरदर्द जैसी समस्याओं के उपचार हेतु विशेष चिकित्सा पद्धति फस्द Venesection Therapy की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। प्रो. शाहिद हसन ने शिविर में पहुंचे लोगों को गर्मी, तेज धूप और लू से बचाव के उपाय बताते हुए स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया। वहीं प्रो. मोहम्मद आसिफ खान ने गर्मी के मौसम में घर में उपलब्ध वस्तुओं एवं स्थानीय जड़ी-बूटियों के माध्यम से पारंपरिक उपचार पद्धतियों की जानकारी दी।

प्रो. रूशी खान ने बताया कि न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर और विभिन्न प्रकार के दर्द से राहत के लिए औषधियों के साथ दलाक (मसाज थेरेपी), वैक्स थेरेपी, भाप थेरेपी, धूनी, तख्मीद थेरेपी, नुतूल (शिरोधारा), एक्सरसाइज एवं डाइट थेरेपी का उपयोग किया जा रहा है। वहीं प्रो. सिराजुल हक़ ने चर्म रोगों के उपचार हेतु लीच थेरेपी (जोंक चिकित्सा) के माध्यम से वैरिकोज वेन्स, कील-मुंहासे, क्लोस्मा एवं चेहरे की त्वचा संबंधी समस्याओं का उपचार किया। मेडिसिन विशेषज्ञ प्रो. मोहम्मद सफवान द्वारा मरीजों का नाड़ी परीक्षण तथा मल-मूत्र जांच के आधार पर रोग निदान कर निशुल्क औषधियां वितरित की गईं। शिविर की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में प्रो. सैयद अबुल मुजीब अब्दुल एवं हाफिज इमरान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मैनेजमेंट कमेटी के सचिव डॉ. परवेज़ वारसी ने बताया कि शिविर के लिए लगभग एक लाख रुपये की दवाइयां निशुल्क वितरण हेतु उपलब्ध कराई गई हैं, जबकि कई लाख रुपये मूल्य के चिकित्सा उपकरण पहले से अस्पताल में मौजूद हैं। पूर्व प्राचार्य प्रो. शाहिद अली खान के अनुसार अब तक लगभग 350 मरीजों ने उपचार, परामर्श एवं निशुल्क दवाइयों का लाभ उठाया है। उन्होंने बताया कि यह विशाल निशुल्क चिकित्सा शिविर आगामी दिन भी जारी रहेगा, जिससे अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।