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राजस्थान: पहली बारिश में ही सीसी सड़क की खुली पोल, जलभराव से हुए लोगों परेशान

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राजस्थान  Published by: Pramod Kumar Bansal , Date: 04/07/2026 01:44:22 pm Share:
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  • Date:
  • 04/07/2026 01:44:22 pm
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राजस्थान: पावटा-प्रागपुरा मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत प्रागपुरा मुख्य बाजार में निर्मित सीसी सड़क का लोकार्पण हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन पहली ही प्री-मानसून बारिश ने निर्माण कार्य और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। बारिश के बाद पूरे बाजार में जगह-जगह जलभराव हो गया, जिससे आमजन और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क निर्माण के दौरान 24 फीट चौड़ाई का प्रस्ताव तय हुआ था, जिसमें 18 फीट सीसी सड़क और दोनों ओर 3-3 फीट चौड़ी पक्की नालियों का निर्माण शामिल था। हालांकि आरोप है कि केवल सड़क का निर्माण कर दिया गया, जबकि नालियों का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। बारिश के बाद दुकानों और घरों से निकलने वाला पानी सीधे सड़क पर भर गया, जिससे कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई। इससे लोगों का आवागमन बाधित हो गया और बाजार में दिनभर परेशानी बनी रही।

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान कई स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में असमानता बरती गई, जिससे सड़क कई जगहों पर टेढ़ी-मेढ़ी बन गई। इसके अलावा सड़क के बीचों-बीच कई स्थानों पर बिजली के पोल और पेड़ मौजूद हैं, जिन्हें हटाए बिना ही निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। मुख्य बाजार स्थित सीताराम मंदिर के सामने करीब 20 मीटर सड़क आज भी अधूरी पड़ी है, जहां बारिश का पानी भरने से दलदल जैसी स्थिति बन गई है। श्रद्धालुओं और दुकानदारों को इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें लगातार परेशानी हो रही है। नगरपालिका प्रशासन पर भी लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुरानी नालियों की सफाई समय पर नहीं की गई और नई नालियों का निर्माण पूरा होने से पहले ही सड़क का लोकार्पण कर दिया गया, जिससे जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए, अधूरी नालियों का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए, सड़क के बीच मौजूद अवरोध हटाए जाएं तथा निर्माण में हुई अनियमितताओं की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्य तभी सार्थक माना जाएगा जब वह धरातल पर आमजन को वास्तविक राहत प्रदान करे।


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