Contact for Advertisement 9919916171


गुजरात: 80 वर्षीय विधवा तीन साल से नामांतरण के लिए भटक रही, राजस्व विभाग पर लापरवाही के लगे आरोप

- Photo by : social media

गुजरात  Published by: Shahihurehman , Date: 04/07/2026 04:46:25 pm Share:
  • गुजरात
  • Published by: Shahihurehman ,
  • Date:
  • 04/07/2026 04:46:25 pm
Share:

विस्तार

गुजरात: टोंक राज्य सरकार द्वारा आमजन को राहत देने के लिए राजस्व और ग्राम सेवा शिविरों के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन नगरफोर्ट तहसील में एक 80 वर्षीय विधवा पिछले तीन वर्षों से अपने पति की पैतृक कृषि भूमि का विरासत नामांतरण कराने के लिए भटकने को मजबूर है। कस्बा नगरफोर्ट निवासी कमला देवी ने आरोप लगाया है कि पटवारी से लेकर तहसील कार्यालय तक सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कराने और ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद आज तक नामांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, कमला देवी के पति शिवशंकर पुत्र भूराल उर्फ भंवरलाल शर्मा का निधन 30 जुलाई 2023 को हो गया था। ग्राम पंचायत नगरफोर्ट द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र और वारिसान प्रमाण पत्र में कमला देवी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को वैध वारिस बताया गया है।

राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार मृतक के नाम विभिन्न खातों में कृषि भूमि दर्ज है। परिवार ने विरासत नामांतरण के लिए कई बार पटवारी और तहसील कार्यालय के चक्कर लगाए। बाद में 27 मई 2025 को तहसीलदार को प्रार्थना पत्र भी सौंपा गया। पटवार मंडल की जांच रिपोर्ट, मोहल्लेवासियों की तस्दीक और ऑनलाइन आवेदन सहित सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद अब तक खाता संख्या 44 और 45 का नामांतरण वारिसों के नाम नहीं खोला गया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि पंचायत, पटवारी और राजस्व विभाग की रिपोर्ट पूरी होने के बाद भी फाइल लंबित रखना समझ से परे है। परिवार ने आरोप लगाया कि राजस्व शिविर केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं और जमीनी स्तर पर लोगों को राहत नहीं मिल रही। अब 80 वर्षीय कमला देवी ने जिला प्रशासन से जल्द नामांतरण दर्ज कर कानूनी अधिकार दिलाने की मांग की है।