Contact for Advertisement 9919916171


राजस्थान: वाहन आग हादसे पर हुई मॉक ड्रिल, राहत-बचाव तैयारियों का हुआ परीक्षण

- Photo by : social media

राजस्थान  Published by: Pramod Kumar Bansal , Date: 04/07/2026 01:40:49 pm Share:
  • राजस्थान
  • Published by: Pramod Kumar Bansal ,
  • Date:
  • 04/07/2026 01:40:49 pm
Share:

विस्तार

राजस्थान: कोटपूतली जिले के मोलाहेड़ा क्षेत्र में वाहन में आग लगने की काल्पनिक घटना पर आधारित जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और चिकित्सा विभाग द्वारा संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण करना था। मॉक ड्रिल में परिकल्पना की गई कि यात्रियों से भरी बस गैस टैंकर से टकराने के बाद बिजली के पोल से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है, जिसमें लगभग 10 लोग घायल हो जाते हैं। घायलों में मुकेश (22), कार्तिक (23), विशाल सिंह (22), अनिल कुमार (27), शशांक तिवाड़ी (24), विकास (23), धर्मेंद्र (29), सुनील (30), राहुल (22) और आनंद (21) शामिल बताए गए। राहत की बात यह रही कि यह पूरी घटना काल्पनिक थी और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। इस दौरान आग पर नियंत्रण, क्षेत्र की घेराबंदी, यातायात प्रबंधन, फंसे हुए लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार तथा घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान विभागों की त्वरित कार्रवाई क्षमता, मेडिकल टीम की तत्परता, रिस्पॉन्स टाइम और आपसी समन्वय का भी परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने इस अभ्यास को वास्तविक आपदा प्रबंधन तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

इस अवसर पर जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता और जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिला कलेक्टर ने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल से आपदा प्रबंधन प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होती है तथा विभागों की कार्यक्षमता का आकलन संभव होता है। उन्होंने सभी विभागों को आपात परिस्थितियों के लिए संसाधनों को हमेशा तैयार रखने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सड़क दुर्घटना या आग लगने की स्थिति में तुरंत सुरक्षा घेरा बनाना, भीड़ को नियंत्रित करना और समय पर संबंधित विभागों को सूचना देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने वाहन चालकों से नियमित तकनीकी जांच कराने और सुरक्षा उपकरणों के उपयोग की अपील की।
 


Featured News