Contact for Advertisement 9919916171


उत्तर प्रदेश: उभांव थाने में नए इंस्पेक्टर का बड़ा एक्शन, विभागीय अधिकारियों पर दर्ज की FIR

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Arun Kumar Patel , Date: 17/04/2026 10:27:19 am Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by: Arun Kumar Patel ,
  • Date:
  • 17/04/2026 10:27:19 am
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जनपद के उभांव थाना क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब नवागत थानाध्यक्ष दिनेश पाठक ने कार्यभार संभालते ही बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने ही विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जनपद के उभांव थाना क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब नवागत थानाध्यक्ष दिनेश पाठक ने कार्यभार संभालते ही बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने ही विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। इस कदम ने न केवल पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि आम जनता के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, थानाध्यक्ष दिनेश पाठक ने चार्ज ग्रहण करने के तुरंत बाद पूर्व एसओ संजय शुक्ला, क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक तथा एक वन दरोगा उग्रसेन कुमार के खिलाफ महिला उत्पीड़न और धमकी जैसे गंभीर आरोपों में FIR दर्ज कराई है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(3), 75 और 79 के तहत पंजीकृत किया गया है, जो गैर-जमानती और गंभीर अपराधों की श्रेणी में आते हैं।

सबसे खास बात यह है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच स्वयं थानाध्यक्ष दिनेश पाठक द्वारा की जाएगी। आमतौर पर ऐसे मामलों में जांच किसी अन्य अधिकारी को सौंपी जाती है, लेकिन यहां खुद नए इंस्पेक्टर ने जांच की जिम्मेदारी अपने हाथ में लेकर स्पष्ट संदेश दिया है कि वे मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। मीडिया से बातचीत में इंस्पेक्टर पाठक ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “यदि कानून के रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे और कानून का मजाक उड़ाएंगे, तो उनके खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” उनके इस बयान से यह साफ जाहिर होता है कि वे पुलिस विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर सख्त रुख अपनाने के पक्षधर हैं।

इस कार्रवाई के बाद कई सवाल भी उठने लगे हैं। क्या पुलिस विभाग अपने ही अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर पाएगा? क्या दोषियों को वास्तव में सजा मिलेगी, या मामला समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा? इन सवालों के जवाब आने वाला समय ही देगा।
फिलहाल, उभांव थाना की यह कार्रवाई जिले में चर्चा का केंद्र बनी हुई है और लोग इस मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।